रविवार, 6 मार्च 2016

मुम्बई का इन्द्रधनु



मुम्बई का इन्द्रधनु

बारिश तेज थी
और मैं सडक पर था

नगरपालिका की मेहरबानी से पानी था
एक पाव उठाया कि सामने दिखा एक और पांव

वो मक्खन की लोई सी उंगलिया,
कानी उंगली के
बगल वाली उंगली में चांदी की बिछिया
टह टह लाल चप्पल
गोटा सफ़ेद
और पीली साडी

दुनिया की सबसे सुंदर
इस औरत के सम्मान मे
मैंने सोचा खींच लूं अपना पांव
लेकिन खींच लिया उसने ,मुझसे पहले
नजर उठी

क्या आंखे थी ,
नन्दन वन के वेर सी कनेर सी,
और उस पर जो छिटकी थी मुस्कान
मन ही मन मैंने कहा
देख लिया मुंबई में इंद्र धनु।

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